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dravya vachak sangya kise kahate hain - द्रव्यवाचक संज्ञा

द्रव्यवाचक संज्ञा किसे कहते हैं?

हिंदी व्याकरण में संज्ञा वह शब्द होता है जो किसी व्यक्ति, स्थान, वस्तु, पदार्थ या भाव के नाम को बताता है। संज्ञा के कई प्रकार होते हैं और उन्हीं में से एक महत्वपूर्ण प्रकार है द्रव्यवाचक संज्ञा। द्रव्यवाचक संज्ञा का संबंध उन वस्तुओं या पदार्थों से होता है जो किसी विशेष द्रव्य या सामग्री को दर्शाते हैं।

द्रव्यवाचक संज्ञा वह संज्ञा होती है जो किसी पदार्थ, द्रव्य या सामग्री के नाम को बताती है। ऐसी वस्तुएँ जिन्हें हम सामान्यतः गिन नहीं सकते, बल्कि उन्हें तौला या मापा जाता है, वे द्रव्यवाचक संज्ञा के अंतर्गत आती हैं। जैसे – पानी, दूध, सोना, चाँदी, तेल, घी आदि।

दूसरे शब्दों में कहा जाए तो जिन संज्ञाओं से किसी ठोस, तरल या पदार्थ का बोध होता है, उन्हें द्रव्यवाचक संज्ञा कहा जाता है। इनका प्रयोग प्रायः मात्रा या वजन के साथ किया जाता है।

द्रव्यवाचक संज्ञा की परिभाषा

जिस संज्ञा से किसी पदार्थ, धातु, तरल या किसी द्रव्य का बोध हो और जिसे सीधे गिना नहीं जा सकता बल्कि तौला या मापा जाता हो, उसे द्रव्यवाचक संज्ञा कहा जाता है।

द्रव्यवाचक संज्ञा की मुख्य विशेषताएँ

  • यह किसी पदार्थ या द्रव्य का नाम बताती है।
  • इन्हें सामान्य रूप से गिना नहीं जा सकता
  • इनका प्रयोग अक्सर मात्रा, वजन या माप के साथ किया जाता है।
  • इनसे किसी ठोस, तरल या धातु का बोध होता है।
  • ये वस्तुएँ सामान्यतः सामग्री या पदार्थ के रूप में होती हैं।

द्रव्यवाचक संज्ञा के उदाहरण - dravya vachak sangya ke udaharan

आपका अगला टॉपिक पढ़े भाववाचक संज्ञा किसे कहते हैं - Bhav Vachak Sangya Kise Kahate Hain

द्रव्यवाचक संज्ञा को समझने के लिए कुछ सामान्य उदाहरण नीचे दिए गए हैं —

द्रव्यवाचक संज्ञा के 10 उदाहरण

  • पानी
  • दूध
  • घी
  • तेल
  • सोना
  • चाँदी
  • लोहा
  • नमक
  • चीनी
  • आटा
  • पेट्रोल

द्रव्यवाचक संज्ञा के वाक्य में उदाहरण

आपका अगला टॉपिक पढ़े सर्वनाम

1. गिलास में पानी भरा हुआ है।
2. माँ ने मुझे दूध पीने के लिए दिया।
3. यह अंगूठी सोने की बनी हुई है।
4. किसान ने बाजार से आटा खरीदा।
5. चाय में थोड़ा चीनी डालो।


द्रव्यवाचक संज्ञा का महत्व

द्रव्यवाचक संज्ञा का हिंदी भाषा में बहुत महत्व है क्योंकि इसके माध्यम से हम किसी वस्तु या पदार्थ के बारे में सही जानकारी दे सकते हैं। दैनिक जीवन में हम कई ऐसे शब्दों का प्रयोग करते हैं जो द्रव्यवाचक संज्ञा होते हैं।

जैसे जब हम कहते हैं कि “एक गिलास पानी लाओ” या “एक किलो चीनी खरीदो”, तो यहाँ पानी और चीनी द्रव्यवाचक संज्ञा हैं। इससे स्पष्ट होता है कि इन वस्तुओं को गिना नहीं जाता बल्कि मात्रा के आधार पर मापा जाता है।

द्रव्यवाचक संज्ञा और जातिवाचक संज्ञा में अंतर

कई बार विद्यार्थी द्रव्यवाचक संज्ञा और जातिवाचक संज्ञा में भ्रमित हो जाते हैं। दोनों के बीच अंतर समझना आवश्यक है।

  • द्रव्यवाचक संज्ञा किसी पदार्थ या सामग्री का नाम बताती है। जैसे – पानी, दूध, सोना।
  • जातिवाचक संज्ञा किसी व्यक्ति, वस्तु या प्राणी की पूरी जाति का नाम बताती है। जैसे – लड़का, गाय, पुस्तक।

निष्कर्ष

इस प्रकार द्रव्यवाचक संज्ञा हिंदी व्याकरण का एक महत्वपूर्ण भाग है। यह उन वस्तुओं या पदार्थों के नाम को दर्शाती है जिन्हें गिना नहीं जा सकता बल्कि तौला या मापा जाता है। जैसे – पानी, दूध, सोना, तेल, चीनी आदि।

दैनिक जीवन में हम इन शब्दों का बहुत अधिक प्रयोग करते हैं, इसलिए द्रव्यवाचक संज्ञा को समझना हिंदी भाषा और व्याकरण को सही ढंग से सीखने के लिए बहुत आवश्यक है।

FAQ

जिस संज्ञा से किसी पदार्थ, धातु, तरल या सामग्री का बोध होता है और जिसे गिना नहीं जा सकता बल्कि तौला या मापा जाता है, उसे द्रव्यवाचक संज्ञा कहते हैं। जैसे – पानी, दूध, सोना, चाँदी आदि।
द्रव्यवाचक संज्ञा के कुछ सामान्य उदाहरण इस प्रकार हैं —
  • पानी
  • दूध
  • सोना
  • चाँदी
  • तेल
  • घी
  • नमक
  • चीनी
सोना एक द्रव्यवाचक संज्ञा का उदाहरण है क्योंकि यह एक धातु या पदार्थ का नाम है जिसे गिना नहीं जा सकता बल्कि तौला जाता है।
द्रव्यवाचक संज्ञा के 10 उदाहरण —
  • पानी
  • दूध
  • घी
  • तेल
  • सोना
  • चाँदी
  • नमक
  • चीनी
  • आटा
  • लोहा
पानी एक द्रव्यवाचक संज्ञा है क्योंकि यह एक तरल पदार्थ का नाम है जिसे गिना नहीं जा सकता बल्कि मात्रा के आधार पर मापा जाता है।